आमिर ने पिता की स्थिति पर रोते हुए कहा, "फिल्में चलीं, पर पैसा नहीं था", 10 रुपये फीस देना मुश्किल था।

रो पड़े आमिर खान

फिल्ममेकर ताहिर हुसैन के बेटे हैं आमिर खान. पिता के फिल्म बिजनेस में होने पर भी बचपन में एक्टर को आर्थिक तंगी झेलनी पड़ी थी.

एक्टर ने एक इंटरव्यू में इसका खुलासा किया है. आमिर ने कहा कि पिताजी को स्कूल के खर्चों को नियंत्रित करना मुश्किल था.

Brut India से बातचीत के दौरान एक्टर बहुत भावुक हो गए. आमिर ने कहा कि भले ही उनकी स्कूल फीस कम थी, फिर भी वह कभी समय पर नहीं भर सके.

स्कूल की कम से कम फीस 10 रुपये थी. उन्हें समय पर भुगतान नहीं करने पर नोटिस बोर्ड पर नामांकित किया गया. तब इंडस्ट्री में उनके पिता स्ट्रगल कर रहे थे.

उन्होंने कहा कि स्कूल में सभी को लगता था कि वह प्रोड्यूसर के बेटे हैं। लैविश लाइफ जीते हैं. लेकिन  वास्तव में ऐसा नहीं था। लेकिन पिता की फिल्में बड़ी हिट थीं।

लेकिन उन्हें बिजनेस का कोई ज्ञान नहीं था. उन्हें शायद अधिक लोन नहीं लेना चाहिए था. फिल्में हिट होने के बावजूद उनके पास पैसे नहीं होते थे.

आमिर के पिता चाहते थे कि अभिनेता फिल्मों में काम करने के बजाय डॉक्टरी या इंजीनियरिंग का पेशा चुने. लेकिन उन्हें एक्टिंग क्षेत्र में ही काम करना था.

पिता की स्थिति बताते हुए आमिर रो पड़े. उन्होंने कहा- हमें सबसे ज्यादा अब्बूजान को देखकर तकलीफ होती थी. वो सीधे और सिंपल इंसान थे.

उनकी फिल्में हिट थीं. लेकिन ड्रिस्ट्रीब्यूटर प्रोड्यूसर को पैसा नहीं देता था. उन्हें बिजनेस करने की ज्यादा सेंस नहीं थी.

आमिर के पिता ताहिर हुसैन ने अनामिका, मदहोश, तुम मेरे हो, कारवां, जख्मी प्रोड्यूस की थी. वह एक अभिनेता और एक निर्देशक भी थे।